UP Outsource Employees New Rules 2026: यूपी में आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए नए नियम लागू हुए

Published on: May 1, 2026
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UP Outsource Employees New Rules 2026: अगर आप उत्तर प्रदेश में आउटसोर्स या पार्ट-टाइम कर्मचारी के तौर पर काम करते हैं, तो यह खबर आपके लिए बहुत जरूरी है। योगी सरकार ने मजदूर दिवस यानी 1 मई 2026 के मौके पर ऐसे लाखों कर्मचारियों के हक में बड़ा कदम उठाया है। अब राज्य में आउटसोर्स और अंशकालिक कर्मियों को हर हफ्ते सैलरी सहित एक दिन की छुट्टी मिलेगी इसके अलावा काम के घंटे तय होंगे और वेतन सीधे बैंक खाते में आएगा। इन नियमों की जानकारी समाज कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण ने मजदूर दिवस के अवसर पर दी। उन्होंने साफ कहा कि अब किसी भी कर्मचारी का शोषण नहीं होगा और उनके अधिकारों को कानूनी ताकत दी गई है। सरकार का यह फैसला उन करोड़ों मेहनतकश लोगों के लिए राहत की बड़ी खबर है जो अब तक बिना किसी सुरक्षा के काम करते आ रहे थे।

कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत

उत्तर प्रदेश में सरकारी और अर्ध-सरकारी दफ्तरों में काम करने वाले लाखों आउटसोर्स कर्मचारी लंबे समय से न तो तय छुट्टी पा रहे थे और न ही उन्हें समय पर वेतन मिलता था। बिचौलिए एजेंसियों के जरिए काम लेना और उनका शोषण करना एक आम बात बन गई थी। इसी समस्या को जड़ से खत्म करने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अगुवाई में सरकार ने नए लेबर कोड्स लागू किए हैं और ‘आउटसोर्स सेवा निगम’ का गठन किया है। मंत्री असीम अरुण ने कहा कि आउटसोर्स कर्मचारी सरकारी व्यवस्था की रीढ़ हैं और उन्हें सामाजिक सुरक्षा और सम्मान देना सरकार की पहली प्राथमिकता है।

साप्ताहिक छुट्टी और काम के घंटे तय

नए नियमों के तहत अब किसी भी आउटसोर्स या अनुबंध कर्मचारी से लगातार सातों दिन काम लेना पूरी तरह गैरकानूनी होगा। 6 दिन काम करने के बाद हर कर्मचारी को एक दिन का पगार सहित अवकाश देना जरूरी है। इसके अलावा रोज़ाना काम के घंटे 8 से 9 तय कर दिए गए हैं। अगर कोई नियोक्ता इससे ज्यादा काम करवाता है तो उसे नियमानुसार ओवरटाइम देना होगा। वैसे देखा जाए तो यह नियम उन कर्मचारियों के लिए सबसे बड़ी राहत है जो पहले बिना किसी अतिरिक्त भुगतान के घंटों काम करते थे। और उन्हें अपनी मेहनत का ओवर टाइम भी नहीं मिलता था।

छुट्टियों का नया नियम कितने दिन मिलेंगी?

सरकार ने आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए छुट्टियों का एक नया और व्यापक ढांचा तैयार किया है। इसके अंतर्गत अलग-अलग तरह की छुट्टियाँ दी जाएंगी जो इस प्रकार हैं:

  • आकस्मिक अवकाश: हर साल 10 दिन की आकस्मिक छुट्टी मिलेगी।
  • बीमारी की छुट्टी: 6 महीने की नौकरी पूरी होने के बाद 15 दिन की मेडिकल लीव मिलेगी।
  • अर्जित अवकाश: हर साल 15 दिन की अर्जित छुट्टी मिलेगी, जिसे अगले साल के लिए आगे भी बढ़ाया जा सकेगा।
  • मातृत्व अवकाश: महिला कर्मचारियों के लिए मैटरनिटी लीव के नियमों का सख्ती से पालन कराया जाएगा।

वेतन सुरक्षा मिली अब सीधे खाते में आएगा

नए नियमों में वेतन को लेकर भी बड़े बदलाव किए गए हैं। अब हर कर्मचारी का मूल वेतन उसकी कुल सैलरी (CTC) का कम से कम 50 प्रतिशत होना जरूरी है। इससे कर्मचारियों के पीएफ और ग्रेच्युटी फंड में भी अच्छी बढ़ोतरी होगी। साथ ही यह भी तय किया गया है कि वेतन हर महीने की 1 से 5 तारीख के बीच सीधे कर्मचारी के बैंक खाते में जमा होगा। इस व्यवस्था से पारदर्शिता बढ़ेगी और देरी से वेतन मिलने की समस्या खत्म होगी।

आउटसोर्स सेवा निगम बिचौलियों का खेल खत्म

1 अप्रैल 2026 से ‘आउटसोर्स सेवा निगम’ काम करना शुरू कर चुका है। इस निगम का मकसद बिचौलिए एजेंसियों की मनमानी को पूरी तरह खत्म करना है। इसके तहत अकुशल कामगारों के लिए न्यूनतम वेतन 11,000 रुपये से ज्यादा और कुशल कामगारों के लिए 13,500 रुपये से ज्यादा तय किया गया है। सरकार ‘समान काम — समान वेतन’ के सिद्धांत को लागू करने पर भी जोर दे रही है, यानी एक जैसा काम करने वाले सभी कर्मचारियों को एक जैसा वेतन मिलेगा।

नए नियमों की मुख्य बातें

नियमविवरण
साप्ताहिक अवकाश6 दिन काम के बाद 1 दिन पगार सहित छुट्टी
काम के घंटेरोज़ 8 से 9 घंटे; अधिक काम पर ओवरटाइम
आकस्मिक अवकाश10 दिन प्रति वर्ष
बीमारी की छुट्टी15 दिन (6 महीने सेवा के बाद)
अर्जित अवकाश15 दिन प्रति वर्ष (Carry forward सुविधा सहित)
मूल वेतनCTC का कम से कम 50%
वेतन भुगतान1 से 5 तारीख के बीच सीधे बैंक खाते में
अकुशल कामगार वेतन₹11,000 से अधिक
कुशल कामगार वेतन₹13,500 से अधिक

सरकार द्वारा उठाया गया यह कदम आउटसोर्स कर्मचारी के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है बता दें उत्तर प्रदेश में आउटसोर्स कर्मचारियों की संख्या लाखों में है। ये वो लोग हैं जो सरकारी दफ्तरों, अस्पतालों, स्कूलों और अन्य सरकारी जगहों पर काम करते हैं, लेकिन उन्हें नियमित कर्मचारियों जैसी सुरक्षा नहीं मिलती थी। नए नियमों के लागू होने के बाद इन कर्मचारियों को न सिर्फ तय छुट्टियाँ और वेतन मिलेगा, बल्कि उनका पीएफ और ग्रेच्युटी भी सुरक्षित होगा। सरकार का यह कदम इन मेहनतकश लोगों की जिंदगी में बड़ा बदलाव ला सकता है।