8th CPC Memorandum Submission Deadline Extended: 8वें वेतन आयोग ने मेमोरेंडम जमा करने की अंतिम तिथि बढ़ाई, जानें नई डेडलाइन

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On: May 30, 2026
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8th CPC Memorandum Submission Deadline Extended: 8वें केंद्रीय वेतन आयोग (8th CPC) ने मेमोरेंडम जमा करने की अंतिम तिथि को बढ़ाकर 15 जून 2026 कर दिया है। यह जानकारी 29 मई 2026 को उप सचिव अभय एन. सहाय द्वारा जारी आधिकारिक सूचना में दी गई है। आयोग ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि यह अंतिम अवसर है और इसके बाद किसी भी स्थिति में समय-विस्तार नहीं दिया जाएगा। सभी मेमोरेंडम केवल आयोग की आधिकारिक वेबसाइट 8cpc.gov.in के माध्यम से ऑनलाइन ही जमा किए जा सकते हैं। हार्ड कॉपी, ईमेल या PDF के रूप में भेजे गए किसी भी मेमोरेंडम पर विचार नहीं किया जाएगा। ऐसे में जो कर्मचारी संगठन या व्यक्ति अभी तक अपना मेमोरेंडम नहीं जमा कर पाए हैं, उनके पास अब सिर्फ 15 जून तक का वक्त बचा है।

8वां वेतन आयोग: कब और कैसे हुआ गठन?

भारत में परंपरा के अनुसार हर 10 साल पर नया वेतन आयोग गठित किया जाता है। 7वां वेतन आयोग फरवरी 2014 में बना था और उसकी सिफारिशें 1 जनवरी 2016 से लागू हुई थीं। इसी क्रम में केंद्र सरकार ने जनवरी 2025 में 8वें वेतन आयोग के गठन की घोषणा की थी। इसके बाद 3 नवंबर 2025 को गजट नोटिफिकेशन जारी करते हुए आयोग को औपचारिक रूप दिया गया और केंद्रीय मंत्रिमंडल ने इसके Terms of Reference यानी ToR को भी मंजूरी दे दी। आयोग की सिफारिशें 1 जनवरी 2026 को संदर्भ तिथि मानकर तैयार की जाएंगी। 4थे, 5वें, 6ठे और 7वें सभी वेतन आयोगों में भी यही 10 साल की परंपरा रही है।

आयोग के अध्यक्ष और सदस्य कौन हैं?

8वें वेतन आयोग की अध्यक्षता सुप्रीम कोर्ट की पूर्व न्यायाधीश जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई कर रही हैं। IIM बैंगलोर के प्रोफेसर पुलक घोष इसके Part-Time सदस्य हैं, जबकि पेट्रोलियम सचिव पंकज जैन को Member Secretary नियुक्त किया गया है। आयोग इस समय कर्मचारी संगठनों से मेमोरेंडम लेने और परामर्श बैठकें करने के काम में लगा हुआ है। आयोग देशभर में बैठकें कर रहा है और अलग-अलग राज्यों के कर्मचारी संगठनों, पेंशनर संघों और मंत्रालयों की बात सुन रहा है।

किन-किन शहरों में होंगी बैठकें?

8वें वेतन आयोग ने परामर्श बैठकों का पूरा कार्यक्रम जारी कर दिया है। आयोग 22-23 जून 2026 को लखनऊ और 6-7 जुलाई 2026 को भुवनेश्वर में बैठक करेगा। लखनऊ की बैठक के लिए अपॉइंटमेंट 10 जून तक और भुवनेश्वर के लिए 15 जून 2026 तक मांगी जा सकती है। इसके अलावा हैदराबाद, श्रीनगर, जम्मू और लद्दाख में भी विस्तृत परामर्श बैठकें होने वाली हैं। अपॉइंटमेंट के लिए Unique Memo ID जरूरी है, जो 8cpc.gov.in पर मेमोरेंडम जमा करने के बाद मिलती है। आयोग की अंतिम रिपोर्ट Mid-2027 तक वित्त मंत्रालय को सौंपी जाएगी।

फिटमेंट फैक्टर क्या होता है और क्यों है यह सबसे बड़ा मुद्दा?

8वें वेतन आयोग में अभी तक का सबसे बड़ा विवाद फिटमेंट फैक्टर को लेकर है। दरअसल, जब भी वेतन आयोग की नई सिफारिशें लागू होती हैं, तो कर्मचारी की मौजूदा बेसिक सैलरी को संशोधित बेसिक सैलरी में बदलने के लिए फिटमेंट फैक्टर का उपयोग किया जाता है। यह वेतन पुनर्मूल्यांकन का आधार बनता है और समग्र मुआवजे पर सीधा असर डालता है। 7वें वेतन आयोग में सरकार ने ज्यादातर कर्मचारियों के लिए 2.57 का फिटमेंट फैक्टर अपनाया था, जिससे न्यूनतम बेसिक सैलरी 6ठे वेतन आयोग के ₹7,000 से बढ़कर ₹18,000 हो गई थी। महंगाई भत्ता (DA), मकान किराया भत्ता (HRA), परिवहन भत्ता और पेंशन कैलकुलेशन जैसे तमाम भत्ते बेसिक सैलरी से जुड़े होते हैं, इसीलिए फिटमेंट फैक्टर किसी कर्मचारी की कुल आय तय करने में सबसे अहम भूमिका निभाता है।

फिटमेंट फैक्टर पर क्या-क्या मांगें आई हैं?

इस बार अलग-अलग कर्मचारी संगठनों ने अलग-अलग मांगें रखी हैं। National Council-Joint Consultative Machinery ने 3.83 फिटमेंट फैक्टर की मांग की है, जिससे न्यूनतम बेसिक पे ₹18,000 से बढ़कर ₹69,000 हो जाएगी। Bharatiya Pratiraksha Mazdoor Sangh ने ₹72,000 न्यूनतम वेतन की मांग रखी है। Federation of National Postal Organisations ने 3.00 का प्रस्ताव दिया है। कई कर्मचारी संगठनों ने मिलकर 2.86 से 3.68 के बीच फिटमेंट फैक्टर का प्रस्ताव रखा है। उनका तर्क है कि बढ़ती जीवन लागत, महंगाई और घरेलू खर्च के बदले पैटर्न को देखते हुए बड़े वेतन संशोधन की जरूरत है। अभी तक आयोग ने फिटमेंट फैक्टर को अंतिम रूप नहीं दिया है।

IRTSA का 5 स्तरीय फिटमेंट फैक्टर प्रस्ताव

Indian Railway Technical Supervisors’ Association यानी IRTSA ने इस बार सबसे चर्चित प्रस्ताव पेश किया है। इस संगठन ने सभी के लिए एक समान फिटमेंट फैक्टर की बजाय पांच अलग-अलग Pay Level के लिए अलग-अलग फिटमेंट फैक्टर का सुझाव दिया है। IRTSA का तर्क है कि मौजूदा Pay Structure में जूनियर और सीनियर कर्मचारियों के वेतन का अंतर बहुत कम हो गया है, खासकर रेलवे के टेक्निकल स्टाफ के मामले में। IRTSA का प्रस्तावित 5 स्तरीय फिटमेंट फैक्टर इस प्रकार है:

  • स्तर 1-5 (Entry Level): 2.92
  • स्तर 6-8: 3.50
  • स्तर 9-12: 3.80
  • स्तर 13-16: 4.09
  • स्तर 17-18 (Senior Executive): 4.38

क्या सच में 4 गुना बढ़ सकती है सैलरी?

अगर IRTSA के प्रस्ताव के आधार पर सैलरी तय होती है तो मौजूदा Level 18 की बेसिक सैलरी ₹2,50,000 से करीब चार गुना बढ़कर ₹10,95,000 हो सकती है, क्योंकि इस स्तर पर प्रस्तावित फिटमेंट फैक्टर 4.38 है। इसका मतलब यह है कि महंगाई भत्ता और अन्य भत्ते जोड़ने से पहले सिर्फ मूल वेतन में ही करीब ₹8.45 लाख प्रति माह की बढ़ोतरी होगी। निचले स्तर पर 2.92 के फिटमेंट फैक्टर के आधार पर न्यूनतम मूल वेतन को ₹18,000 से बढ़ाकर ₹52,600 करने का प्रस्ताव दिया गया है। हालांकि ये सभी आंकड़े अभी प्रस्ताव के स्तर पर हैं, सरकार की ओर से कोई आधिकारिक ऐलान नहीं हुआ है।

DA मर्जर, Annual Increment और MACP पर क्या हैं मांगें?

फिटमेंट फैक्टर के अलावा कर्मचारी संगठनों ने कई और अहम मांगें भी रखी हैं। वार्षिक Increment को मौजूदा 3% से बढ़ाकर 5% करने का प्रस्ताव है और कई संगठनों ने तो 6% Increment की मांग भी रखी है। 50% Dearness Allowance को बेसिक पे में मर्ज करने के बाद नई सैलरी कैलकुलेट करने का सुझाव भी दिया गया है। MACP यानी Modified Assured Career Progression को नए सिरे से तैयार करने की मांग है, जिसमें 30 साल की नौकरी में 5 बार Financial Promotion यानी 6वें, 12वें, 18वें, 24वें और 30वें साल पर देने की बात कही गई है। हालांकि सरकार की ओर से यह स्पष्ट किया जा चुका है कि DA को Basic Pay में मर्ज करने का अभी कोई प्रस्ताव नहीं है।

किन कर्मचारियों को मिलेगा 8वें वेतन आयोग का फायदा?

8वें वेतन आयोग की सिफारिशें करीब 50 लाख केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों पर लागू होंगी, जिनमें रक्षा सेवा के जवान भी शामिल हैं। इसके अलावा लगभग 69 लाख पेंशनरों को भी इसका सीधा फायदा मिलेगा। Terms of Reference के अनुसार 31 दिसंबर 2025 को या उससे पहले सेवानिवृत्त होने वाले पेंशनरों को भी Revised Pension का लाभ मिलेगा। केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र उपक्रमों के कर्मचारियों की स्थिति को भी ध्यान में रखा जाएगा। आयोग सिफारिशें तैयार करते वक्त देश की आर्थिक स्थिति, राजकोषीय अनुशासन और राज्य सरकारों के वित्त पर पड़ने वाले प्रभाव को भी ध्यान में रखेगा।

नई सैलरी कब से मिलेगी और Arrears का क्या होगा?

8वें वेतन आयोग की सिफारिशें 1 जनवरी 2026 को संदर्भ तिथि मानकर लागू होंगी, लेकिन अंतिम रिपोर्ट 2027 के मध्य तक आने की संभावना है। इसका मतलब यह है कि नई सैलरी 2027-28 से मिलने की उम्मीद है। 1 जनवरी 2026 के बाद जितने महीने की देरी होगी, उतने महीनों का Arrears कर्मचारियों को दिया जाएगा। विशेषज्ञों के अनुसार Pay Level और फिटमेंट फैक्टर के आधार पर यह Arrears ₹1 लाख या उससे भी ज्यादा हो सकता है। पेंशनरों को भी Revised Pension पर Arrears मिलेगा। यह जरूर ध्यान रखें कि ये सभी अनुमान विशेषज्ञों के हैं, सरकार की ओर से कोई आधिकारिक आंकड़ा अभी जारी नहीं किया गया है।

8वें वेतन आयोग की ताजा अपडेट कैसे देखें?

आयोग की सभी ताजा जानकारी पाने के लिए अपने मोबाइल या कंप्यूटर में कोई भी ब्राउजर खोलें और MyGov Portal की आधिकारिक वेबसाइट mygov.in पर जाएं। वहां सर्च बार में “8th Pay Commission” टाइप करें और उपलब्ध नए नोटिफिकेशन और सर्कुलर पढ़ें। इसके अलावा आयोग की आधिकारिक वेबसाइट 8cpc.gov.in पर जाकर भी मेमोरेंडम और बैठकों की पूरी जानकारी देखी जा सकती है।

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