UP BEO Vacancy 2026 Update: बीईओ भर्ती को लेकर नियमों में बदलाव की प्रक्रिया शुरू हो गई है और अब पदों को भरने का तरीका भी बदलने जा रहा है। बेसिक शिक्षा विभाग के खंड शिक्षा अधिकारी यानी बीईओ पदों पर अब सीधी भर्ती से चयन करने की तैयारी है जिससे लंबे समय से रुकी प्रक्रिया आगे बढ़ सकेगी। यह मामला पहले पदोन्नति कोटे को लेकर विवाद में फंसा था और सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा था लेकिन अब स्थिति साफ होने के बाद भर्ती का रास्ता खुलता नजर आ रहा है।
अब सीधी भर्ती से भरे जाएंगे सभी पद
नई तैयारी के अनुसार बीईओ के सभी पद अब सीधी भर्ती से भरे जाएंगे और पदोन्नति का विकल्प हटाया जा रहा है। पहले इन पदों में कुछ हिस्सा पदोन्नति से भरने की बात थी लेकिन इसी को लेकर विवाद हुआ और मामला अदालत तक गया। कोर्ट द्वारा विभाग के फैसले को सही मानने के बाद अब पूरी भर्ती प्रक्रिया को नए तरीके से लागू किया जा रहा है ताकि आगे किसी तरह की रुकावट न आए।
कोर्ट के फैसले के बाद शुरू हुआ बदलाव
पदोन्नति कोटे से 20 प्रतिशत पद भरने के मुद्दे पर विवाद हुआ था और यह मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया था। कोर्ट ने बेसिक शिक्षा विभाग के पुराने आदेश को सही ठहराया जिसके बाद विभाग ने नियमावली में संशोधन की प्रक्रिया शुरू कर दी। अब शासन स्तर पर मंजूरी मिलने के बाद नई भर्ती प्रक्रिया को लागू किया जाएगा जिससे लंबे समय से लंबित पदों को भरा जा सकेगा।
इतने पद हैं खाली
प्रदेश में बीईओ के कुल 1031 पद स्वीकृत हैं जिनमें से 150 से ज्यादा पद खाली बताए जा रहे हैं। इतने बड़े स्तर पर खाली पद होने के कारण शिक्षा व्यवस्था पर भी असर पड़ रहा था इसलिए विभाग अब जल्द से जल्द भर्ती प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी में है ताकि इन पदों को भरा जा सके और कामकाज सुचारू रूप से चल सके।
भर्ती प्रक्रिया कौन करेगा
जब विभाग की तरफ से रिक्त पदों का अधियाचन भेजा जाएगा तब उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग इस भर्ती के लिए विज्ञापन जारी करेगा। इसके बाद आयोग पूरी चयन प्रक्रिया को पूरा कराएगा जिसमें आवेदन से लेकर अंतिम चयन तक की सभी प्रक्रिया शामिल होगी।
योग्यता को लेकर भी हुआ था विवाद
बीईओ भर्ती में योग्यता को लेकर भी पहले विवाद सामने आया था जिसके कारण प्रक्रिया बार बार अटक रही थी। अब इसे भी स्पष्ट कर दिया गया है ताकि आगे किसी तरह की समस्या न हो और चयन प्रक्रिया बिना रुके पूरी हो सके।
अब यह योग्यता होगी जरूरी
नई व्यवस्था के अनुसार उम्मीदवार के पास किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से स्नातक की डिग्री होना जरूरी है। इसके साथ ही राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद से मान्यता प्राप्त संस्थान से बीएड की डिग्री भी अनिवार्य होगी। योग्यता स्पष्ट होने के बाद अब आवेदन करने वाले उम्मीदवारों को पहले से ही सही जानकारी मिल जाएगी और चयन प्रक्रिया में देरी नहीं होगी।
नियमावली को अंतिम रूप देकर गजट में प्रकाशित किया जाएगा जिसके बाद रिक्त पदों का अधियाचन भेजा जाएगा। इसके बाद भर्ती प्रक्रिया शुरू होगी और उम्मीदवारों को आवेदन का मौका मिलेगा। इससे लंबे समय से रुकी हुई बीईओ भर्ती अब आगे बढ़ सकेगी और खाली पदों को भरा जा सकेगा।







