आंगनवाडी कार्यकर्ताओं के मानदेय में होगी बढ़ोतरी – मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ UP Anganwadi Workers Salary Hike

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UP Anganwadi Workers Salary Hike: उत्तर प्रदेश की आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं और आशा कर्मियों के लिए एक बार फिर बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पहले ही इनके मानदेय में बढ़ोतरी का ऐलान किया था, और अब हाल ही में आयोजित कार्यक्रम में इसे और मजबूती देते हुए स्पष्ट संकेत दिया है कि सरकार इस दिशा में तेजी से काम कर रही है। लखनऊ में हुए इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि आंगनवाड़ी व्यवस्था को मजबूत करना सरकार की प्राथमिकता है और इसके लिए जरूरी संसाधनों के साथ-साथ कार्यकर्ताओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना भी जरूरी है। लंबे समय से इन कर्मियों द्वारा मानदेय बढ़ाने की मांग की जा रही थी और अब सरकार के इस कदम से लाखों महिलाओं को राहत मिलने की उम्मीद है।

सीएम योगी ने क्या कहा

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कार्यक्रम के दौरान स्पष्ट रूप से कहा कि सरकार प्रदेश के हर कर्मचारी को सम्मानजनक जीवन देने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि आंगनवाड़ी और आशा कर्मियों का काम बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि ये समाज के सबसे संवेदनशील वर्ग—बच्चों और गर्भवती महिलाओं—के साथ सीधे जुड़ी होती हैं। ऐसे में उनका मानदेय बढ़ाना केवल आर्थिक फैसला नहीं बल्कि सामाजिक सम्मान से जुड़ा विषय भी है। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि वर्तमान में इन कर्मियों को उनकी मेहनत के अनुरूप भुगतान नहीं मिल रहा है, इसलिए सरकार ने निर्णय लिया है कि मानदेय को क्रमिक रूप से बढ़ाया जाएगा। उन्होंने 28 मार्च 2026 को अपने आधिकारिक सोशल मीडिया माध्यम से भी यह जानकारी साझा की थी कि सरकार इस दिशा में ठोस कदम उठाने जा रही है।

वर्तमान मानदेय की स्थिति

वर्तमान समय में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को मिलने वाला मानदेय अपेक्षाकृत काफी कम माना जाता है। आंगनवाड़ी कार्यकर्ता को केंद्र सरकार की ओर से ₹4,500, राज्य सरकार की ओर से ₹1,500 और लगभग ₹2,000 प्रोत्साहन राशि मिलती है, जिससे कुल मिलाकर उन्हें करीब ₹8,000 प्रति माह प्राप्त होता है। वहीं आंगनवाड़ी सहायिका को केंद्र से ₹2,250 और राज्य से ₹750 मिलाकर कुल ₹3,000 मासिक मानदेय दिया जाता है। इतने कम मानदेय में इतनी बड़ी जिम्मेदारी निभाना आसान नहीं होता, क्योंकि ये कार्यकर्ता पोषण, टीकाकरण, स्वास्थ्य जागरूकता और प्रारंभिक शिक्षा जैसे कई महत्वपूर्ण कार्यों को संभालती हैं। यही कारण है कि लंबे समय से इनके मानदेय को बढ़ाने की मांग उठती रही है।

कितनी हो सकती है बढ़ोतरी

हालांकि सरकार ने अभी तक मानदेय बढ़ोतरी की सटीक राशि घोषित नहीं की है, लेकिन विभिन्न संकेतों के आधार पर यह अनुमान लगाया जा रहा है कि इसमें उल्लेखनीय वृद्धि हो सकती है। माना जा रहा है कि सरकार इसे चरणबद्ध तरीके से लागू करेगी ताकि वित्तीय संतुलन भी बना रहे और कर्मियों को पर्याप्त लाभ भी मिल सके। यदि अनुमान सही साबित होते हैं, तो आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं का मानदेय लगभग दोगुना तक बढ़ सकता है। इस स्थिति में उनका मासिक मानदेय ₹8,000 से बढ़कर ₹15,000 से ₹16,000 के आसपास पहुंच सकता है। इसी तरह सहायिकाओं को भी इस बढ़ोतरी का सीधा लाभ मिलेगा, जिससे उनकी आय में सुधार होगा और वे अधिक आत्मनिर्भर बन सकेंगी।

नई भर्ती और डिजिटल सुधार

सरकार केवल मानदेय बढ़ाने तक सीमित नहीं है, बल्कि आंगनवाड़ी व्यवस्था को आधुनिक बनाने पर भी जोर दे रही है। मुख्यमंत्री ने घोषणा की है कि राज्य में 5000 आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और 60,000 सहायिकाओं की भर्ती की जाएगी, जिससे न केवल रोजगार के अवसर बढ़ेंगे बल्कि केंद्रों पर कार्य का बोझ भी कम होगा। इसके अलावा 69,804 आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और मुख्य सेविकाओं को स्मार्टफोन वितरित किए गए हैं। इन स्मार्टफोन के माध्यम से अब सभी गतिविधियों का डेटा रियल टाइम में अपलोड किया जाएगा, जिससे पारदर्शिता बढ़ेगी और योजनाओं की मॉनिटरिंग बेहतर तरीके से हो सकेगी। डिजिटल सिस्टम लागू होने से बच्चों के पोषण, स्वास्थ्य और उपस्थिति से जुड़ी जानकारी तुरंत उपलब्ध होगी, जिससे प्रशासन को सही निर्णय लेने में मदद मिलेगी।

आंगनवाड़ी केंद्रों को मिलेगा नया स्वरूप

मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि आंगनवाड़ी केंद्रों को डिजिटल सेवा केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है। इसका उद्देश्य यह है कि बच्चों को प्रारंभिक शिक्षा और पोषण से जुड़ी सभी सुविधाएं एक ही स्थान पर बेहतर तरीके से मिल सकें। साथ ही केंद्रों के भवनों और आधारभूत ढांचे को भी मजबूत किया जा रहा है, ताकि कार्यकर्ताओं को काम करने में किसी प्रकार की परेशानी न हो। सरकार का मानना है कि यदि आधारभूत सुविधाएं बेहतर होंगी तो सेवाओं की गुणवत्ता भी स्वतः बेहतर हो जाएगी।

कब से लागू होगा बढ़ा हुआ मानदेय

सरकार की ओर से अभी तक बढ़े हुए मानदेय को लागू करने की निश्चित तारीख घोषित नहीं की गई है, लेकिन उम्मीद जताई जा रही है कि इसे नए वित्त वर्ष यानी अप्रैल 2026 से लागू किया जा सकता है। आशा कर्मियों को भी इस बढ़ोतरी का लाभ मिलने की बात कही गई है। फिलहाल प्रदेश की लाखों आंगनवाड़ी और आशा कार्यकर्ताओं की नजर सरकार की अगली आधिकारिक घोषणा पर टिकी हुई है। यदि यह फैसला जल्द लागू होता है, तो यह न केवल उनके आर्थिक जीवन को बेहतर बनाएगा बल्कि महिला सशक्तिकरण और बाल विकास की दिशा में भी एक बड़ा कदम साबित होगा।