MP Teacher TET News: मध्यप्रदेश के प्राथमिक और माध्यमिक स्कूलों में पढ़ाने वाले उन शिक्षकों के लिए बड़ी खबर आई है जो अब तक TET यानी शिक्षक पात्रता परीक्षा पास नहीं कर पाए हैं। लोक शिक्षण संचालनालय भोपाल ने 02 मार्च 2025 को एक नोटिस जारी किया है जिसमें सुप्रीम कोर्ट के आदेश का हवाला देते हुए ऐसे सभी शिक्षकों को पात्रता परीक्षा में बैठने के लिए कहा गया है। यह नोटिस सभी संभागीय संयुक्त संचालकों और जिला शिक्षा अधिकारियों को भेजा गया है। परीक्षा जुलाई-अगस्त 2026 में होने की संभावना है।
सुप्रीम कोर्ट ने क्या आदेश दिया था
सुप्रीम कोर्ट ने सिविल अपील 1385/2025 और 1386/2025 समेत कई याचिकाओं पर 01 सितंबर 2025 को अहम फैसला सुनाया था। कोर्ट ने कहा कि RTE एक्ट लागू होने से पहले नियुक्त हुए और जिनकी सेवानिवृत्ति में अभी 5 साल से ज़्यादा का वक्त बचा है, ऐसे सभी इन-सर्विस शिक्षकों को 2 साल के भीतर TET पास करना होगा। अगर वे ऐसा नहीं करते तो उन्हें नौकरी छोड़नी होगी या फिर उन्हें अनिवार्य सेवानिवृत्ति दी जाएगी।
नोटिस में जिला अधिकारियों को क्या कहा गया
लोक शिक्षण संचालनालय ने इस नोटिस के ज़रिए सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे अपने-अपने जिले में ऐसे सभी प्राथमिक और माध्यमिक स्तर के शिक्षकों को पात्रता परीक्षा में शामिल होने के लिए सूचित करें जो अब तक TET पास नहीं हुए हैं। नोटिस में यह भी स्पष्ट किया गया है कि यह परीक्षा सभी संवर्गों के लिए होगी, यानी किसी एक वर्ग को कोई छूट नहीं मिलेगी। यह नोटिस आयुक्त द्वारा अनुमोदित है और सीधे संचालक लोक शिक्षण मध्यप्रदेश की ओर से जारी हुआ है।
किन शिक्षकों पर लागू होगा यह आदेश
- जो शिक्षक RTE एक्ट लागू होने से पहले नियुक्त हुए थे।
- जिनकी सेवानिवृत्ति में अभी 5 साल से ज़्यादा का समय बाकी है।
- जो अब तक TET पास नहीं कर पाए हैं।
- प्राथमिक और माध्यमिक दोनों स्तरों के सभी संवर्गों के शिक्षक।
- TET नहीं पास किया तो क्या होगा
सुप्रीम कोर्ट का आदेश बिल्कुल साफ है। जो शिक्षक तय 2 साल के भीतर TET पास नहीं कर पाते उन्हें खुद नौकरी छोड़नी होगी। इसके अलावा सरकार उन्हें अनिवार्य सेवानिवृत्ति भी दे सकती है। हालांकि कोर्ट ने यह भी कहा है कि टर्मिनल बेनिफिट्स यानी सेवानिवृत्ति पर मिलने वाले लाभ तभी मिलेंगे जब शिक्षक ने नियमों के अनुसार अपना सेवाकाल पूरा किया हो। अगर किसी शिक्षक की सेवा में कोई कमी हो तो उनका मामला सरकार के संबंधित विभाग को भेजा जाएगा।
कोर्ट के आदेश में एक और ज़रूरी बात कही गई है। जो शिक्षक नई नियुक्ति के लिए आवेदन करना चाहते हैं या प्रमोशन के ज़रिए किसी पद पर आना चाहते हैं, उन सभी के लिए TET पास करना अनिवार्य है। बिना TET के उनकी उम्मीदवारी पर कोई विचार नहीं किया जाएगा। यह नियम नए और पुराने दोनों तरह के शिक्षकों पर लागू होगा जो किसी भी पद के लिए अप्लाई करने की सोच रहे हैं।
TET परीक्षा कब होगी
लोक शिक्षण संचालनालय के नोटिस के अनुसार पात्रता परीक्षा जुलाई और अगस्त 2026 में होने की संभावना है। यह परीक्षा प्राथमिक और माध्यमिक स्तर के सभी संवर्गों के शिक्षकों के लिए एक साथ आयोजित की जाएगी। जिला स्तर पर जिला शिक्षा अधिकारियों को यह ज़िम्मेदारी दी गई है कि वे सुनिश्चित करें कि कोई भी पात्र शिक्षक इस परीक्षा की सूचना से वंचित न रहे।
RTE एक्ट और TET का पुराना कनेक्शन
शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 यानी RTE Act के तहत यह बात पहले से तय है कि प्राथमिक और माध्यमिक स्कूलों में पढ़ाने वाले शिक्षकों को TET पास होना चाहिए। लेकिन इस एक्ट के लागू होने से पहले जो शिक्षक नियुक्त हो चुके थे उन्हें कुछ छूट दी गई थी। अब सुप्रीम कोर्ट ने उस छूट की एक सीमा तय कर दी है और साफ कह दिया है कि 2 साल के अंदर TET पास करना होगा, नहीं तो सेवा में बने रहने का हक नहीं रहेगा। मध्यप्रदेश सरकार ने इसी आदेश के पालन में यह नोटिस जारी किया है। जिला शिक्षा अधिकारियों और संभागीय संयुक्त संचालकों को यह सुनिश्चित करने की ज़िम्मेदारी दी गई है कि उनके जिले का कोई भी पात्र शिक्षक इस जानकारी से अनजान न रहे।







