12वीं के बाद 4 साल का बीएड ITEP कोर्स शुरू, संस्थानों को मिली नए कोर्स की मंजूरी ITEP Online Form 2026

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ITEP Online Form 2026: अगर शिक्षक बनने की तैयारी कर रहे हैं तो अब 12वीं के बाद बीएड करने का तरीका थोड़ा बदलने वाला है। देशभर से चयनित केंद्रीय विवि, राज्य विवि, डायट, आईआईटी और एनआईटी में पहली बार शिक्षक शिक्षा का चार साल का इंटीग्रेटेड टीचर एजुकेशन प्रोग्राम यानी आईटीईपी शुरू किया जा रहा है। इसके लिए राष्ट्रीय स्तर पर प्रवेश परीक्षा से गुजरना होगा। तकनीकी शिक्षा में देश के प्रतिष्ठित संस्थानों में शुमार आईआईटी और एनआईटी से सत्र 2026-27 से इंटर के बाद छात्र स्नातक-बीएड की संयुक्त डिग्री में प्रवेश पा सकेंगे। यानी अब एक साथ ग्रेजुएशन और बीएड की पढ़ाई का मौका मिलेगा।

प्रवेश के लिए होगी एनसीईटी परीक्षा

नेशनल टेस्टिंग एजेंसी यानी एनटीए बीए-बीएड और बीएससी-बीएड पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए नेशनल कॉमन एंट्रेंस टेस्ट (एनसीईटी) कराएगी। इस कोर्स के लिए छात्र ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। परीक्षा 17 अप्रैल को अलग-अलग पालियों में ऑनलाइन होगी। यह परीक्षा असमिया, बांग्ला, अंग्रेजी, हिंदी, गुजराती, कन्नड़, मलयालम, मराठी, पंजाबी, उड़िया, तमिल, तेलुगु और उर्दू सहित कुल 13 भाषाओं में होगी। ऐसे सभी अभ्यर्थी जो इस कोर्स के लिए आवेदन करना चाहते हैं तो नेशनल टेस्टिंग एजेंसी की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर आवेदन कर सकते हैं आवेदन की प्रक्रिया शुरू हो गई है।

इन संस्थाओं को कोर्ट चलाने की मंजूरी

आईआईटी खड़गपुर पं. बंगाल, एनआईटी त्रिपुरा, एनआईटी केरल, एनआईटी तेलंगाना, एनआईटी पुडुचेरी, आईआईटी भुवनेश्वर, आईआईटी रोपड़, आईआईटी जोधपुर, एनआईटी तमिलनाडु, आईआईटी धनबाद, एनआईटी कोझिकोड, एनआईटी कालीकट केरल शामिल हैं। इन सभी संस्थाओं में चार वर्षीय बीएड कोर्स संचालित किया जाएगा भविष्य में कई अन्य संस्थाओं के लिए भी अनुमति मिल सकती है बड़ी संख्या में एनसीटीई नए कोर्स की अनुमति देने पर विचार कर रही है।

चार भागों में होगा एनसीईटी का पेपर

एनटीए के अनुसार एनसीईटी का पेपर 4 भागों में होगा। भाग एक में 38 विभिन्न भाषाएं हैं और इनमें से छात्रों को कोई दो भाषा चुननी होंगी। हर भाषा के पेपर में 23 प्रश्न होंगे, जिनमें से 20 का जवाब देना होगा। भाग दो में डोमेन केंद्रित विषय होंगे और इसमें 26 डोमेन विषय रखे गए हैं, जिनमें से छात्रों को कोई भी तीन विषय चुनने होंगे। हर डोमेन विषय में 28 सवालों में से 25 के जवाब देने होंगे। भाग 3 जनरल टेस्ट का होगा जो सबके लिए अनिवार्य होगा, इसमें 28 प्रश्न होंगे और 25 के जवाब देने होंगे। भाग चार टीचिंग एप्टीट्यूड का होगा जो सबके लिए अनिवार्य रहेगा, इसमें 23 प्रश्नों में से 20 के उत्तर देने होंगे। कुल मिलाकर 181 सवालों में से 160 प्रश्नों के उत्तर देने होंगे और परीक्षा तीन घंटे की होगी।

देशभर के 170 यूपी के 13 शहरों में पेपर

यह परीक्षा देश के 170 शहरों और उत्तर प्रदेश के 13 शहरों में होगी। यूपी में आगरा, प्रयागराज, बरेली, गाजियाबाद, गोरखपुर, नोएडा, झांसी, कानपुर, लखनऊ, मेरठ, मुरादाबाद, वाराणसी और गाजीपुर में परीक्षा आयोजित होगी।

पेपर देने की कोई अधिकतम उम्र नहीं

बता दें नेशनल टेस्टिंग एजेंसी द्वारा जारी किए गए नोटिफिकेशन के अनुसार इस कोर्स में एडमिशन लेने के लिए आयु सीमा की छूट रखी गई है एनसीईटी में शामिल होने के लिए अधिकतम उम्र की कोई सीमा नहीं होगी। न्यूनतम अर्हता में छात्र का 12वीं में उत्तीर्ण होना या 2026 में इसमें शामिल होना जरूरी है।

223 विवि में चलेगा यह कोर्स

एनटीए के अनुसार अभी तक 223 विश्वविद्यालयों को इंटीग्रेटेड बीएड चलाने की स्वीकृति मिली है। एनआईटी, आईआईटी, डायट सहित कुछ निजी संस्थानों की संख्या 339 है जहां यह कोर्स चलेंगे। आवेदन के वक्त तक देशभर में 16 हजार 950 सीटों पर बीए-बीएड और बीएससी-बीएड में प्रवेश हो सकेंगे। संस्थान और सीटों की संख्या में बढ़ोतरी भी हो सकती है। परीक्षा में हर सही उत्तर पर चार अंक मिलेंगे जबकि गलत उत्तर पर एक अंक काटा जाएगा।

आवेदन कैसे करें?

4 वर्षीय इंटीग्रेटेड कोर्स के लिए नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने आधिकारिक सूचना जारी की है अभ्यर्थी जो इस कोर्स के लिए प्रवेश परीक्षा में शामिल होना चाहते हैं तो आवेदन की तिथि 12 फरवरी से 10 मार्च 2026 तक रखी गई है शुल्क जमा करने की अंतिम तिथि 11 मार्च और फॉर्म में करेक्शन करने की तिथि 12 मार्च से 14 मार्च के बीच रखी गई है परीक्षा का आयोजन 17 अप्रैल को निर्धारित परीक्षा केदो पर किया जाएगा सभी उम्मीदवार जो आवेदन के इच्छुक हैं नेशनल टेस्टिंग एजेंसी के आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर आवेदन कर सकते हैं।

2030 से आइटीबीपी से ही बनेंगे शिक्षक

नेशनल एजुकेशन पॉलिसी 2020 की सिफारिश के अंतर्गत 2030 से स्कूलों में शिक्षक बनने के लिए निर्धारित न्यूनतम योग्यता निर्धारित की गई है नई शिक्षा नीति के अनुसार 2020 के बाद स्कूलों में वहीं शिक्षक बन सकेंगे जिन्होंने 4 वर्षीय नया वाला B.Ed कोर्स किया होगा 3 साल पहले शिक्षा मंत्रालय द्वारा अधिसूचित करते हुए इस कोर्स के बारे में कहा गया था कि 2030 से शिक्षकों की भर्ती केवल आईटीईपी के माध्यम से ही की जाएगी हालांकि दो वर्षीय बीएड भी चलेगा लेकिन इसका प्रयोग केवल उच्च शिक्षा के लिए हो सकेगा।