Anganwadi Asha Salary Hike 2026: केरल में आशा कार्यकर्ताओं को ₹3000 और आंगनवाड़ी शिक्षकों को ₹1000 की बढ़ोतरी, यूपी में भी इंतजार

Anganwadi Asha Salary Hike 2026: देशभर की आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और आशा कार्यकर्ता मानदेय बढ़ोतरी को लेकर सरकार के सामने लगातार अपनी मांगे रखनी रही हैं इसी बीच देश में आशा कार्यकर्ताओं और आंगनवाड़ी कर्मचारियों के लिए 18 मई 2026 एक बड़ी राहत लेकर आया। केरल में वीडी सतीशन की नवगठित सरकार ने मुख्यमंत्री पद की शपथ लेते ही पहली कैबिनेट बैठक में आशा कार्यकर्ताओं, आंगनवाड़ी कर्मचारियों और महिलाओं के लिए कई अहम फैसले किए। आशा कार्यकर्ताओं के मानदेय में ₹3,000 और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के मानदेय में ₹1,000 की बढ़ोतरी का ऐलान किया गया। वहीं उत्तर प्रदेश में भी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ हाल ही में आंगनवाड़ी और आशा कार्यकर्ताओं के मानदेय में बढ़ोतरी की घोषणा कर चुके हैं जिसका इन कार्यकर्ताओं को बेसब्री से इंतजार है। यानी एक साथ दो बड़े राज्यों में जमीनी स्तर पर काम करने वाली इन महिला कर्मचारियों की स्थिति सुधारने की कोशिश हो रही है जो निश्चित रूप से एक सकारात्मक संकेत है।

केरल में पहली कैबिनेट बैठक में हुए बड़े फैसले

केरल में वीडी सतीशन ने 18 मई 2026 को मुख्यमंत्री पद की शपथ ली और शपथ लेते ही तुरंत कैबिनेट की पहली बैठक बुलाई गई। पांच राज्यों में हुए विधानसभा चुनावों के नतीजों के बाद केरल में कांग्रेस के नेतृत्व में नई सरकार बनी है। इस बैठक में आशा कार्यकर्ताओं, आंगनवाड़ी कर्मचारियों और महिलाओं के लिए एक के बाद एक कई अहम फैसले किए गए। सरकार ने इन फैसलों की जानकारी कांग्रेस के आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल के जरिए साझा की जिसमें लिखा गया “केरलम की जनता के लिए सौगात  हम जो कहते हैं वो कर दिखाते हैं।” इन फैसलों से राज्य के लाखों कर्मचारियों और महिलाओं में खुशी का माहौल है।

कितना बढ़ाई गई सैलरी

लाभार्थी वर्गमिली सुविधा
आशा कार्यकर्ता₹3,000 मानदेय बढ़ोतरी
आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, प्री-प्राइमरी शिक्षक, कुकिंग स्टाफ, हेल्पर₹1,000 मानदेय बढ़ोतरी
महिलाएंKSRTC बसों में मुफ्त सफर (15 जून 2026 से)
वरिष्ठ नागरिकसमर्पित मंत्रालय का गठन

आशा कार्यकर्ताओं को ₹3000 की बढ़ोतरी

आशा कार्यकर्ता ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की रीढ़ मानी जाती हैं। मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, टीकाकरण अभियान, जागरूकता कार्यक्रम और घर-घर जाकर स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना  यह सब इन्हीं कार्यकर्ताओं के भरोसे चलता है। लेकिन सालों से इनका मानदेय इनकी मेहनत और जिम्मेदारी के अनुपात में बेहद कम रहा है। वैसे देखा जाए तो केरल सरकार का ₹3,000 की बढ़ोतरी का यह फैसला इन कार्यकर्ताओं की लंबे समय से चली आ रही मांग को पूरा करता है। ध्यान देने वाली बात यह है कि जिस तरह सरकारी कर्मचारियों को महंगाई भत्ता यानी DA मिलता है, उसी तरह आशा कार्यकर्ताओं को मानदेय यानी honorarium दिया जाता है जो राज्य सरकार की नीतियों के अनुसार तय होता है। यह बढ़ोतरी इन कार्यकर्ताओं की आर्थिक स्थिति में एक ठोस सुधार लाएगी।

आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और शिक्षकों को ₹1000 की बढोत्तरी

कैबिनेट बैठक में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं, प्री-प्राइमरी शिक्षकों, कुकिंग स्टाफ और हेल्पर के मानदेय में भी 1,000 रुपये की बढ़ोतरी का फैसला किया गया है। आंगनवाड़ी केंद्रों में काम करने वाले ये कर्मचारी बच्चों की शुरुआती शिक्षा, पोषण और स्वास्थ्य में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इनका काम बेहद जिम्मेदारी का होता है लेकिन मानदेय हमेशा से कम रहा है। इसके अलावा प्री-प्राइमरी शिक्षक जो छोटे बच्चों की नींव तैयार करते हैं, उन्हें भी इस बढ़ोतरी का फायदा मिलेगा। आप समझ सकते हैं कि यह बढ़ोतरी भले ही छोटी लगे लेकिन इन कर्मचारियों के लिए यह एक जरूरी राहत है जिसका वे लंबे समय से इंतजार कर रहे थे।

15 जून से केरल में महिलाओं को मुफ्त बस सफर

केरल सरकार के सबसे चर्चित फैसलों में से एक यह है कि 15 जून 2026 से KSRTC यानी केरल स्टेट रोड ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन की बसों में राज्य की सभी महिलाओं को मुफ्त सफर की सुविधा दी जाएगी। इससे खासतौर पर ग्रामीण और कामकाजी महिलाओं को बड़ी राहत मिलेगी जो रोजाना बसों से आना-जाना करती हैं और किराए पर काफी पैसा खर्च होता है। सीधी बात करें तो यह फैसला महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक ठोस कदम है जो सीधे उनकी जेब पर असर डालेगा। इसके साथ ही वरिष्ठ नागरिकों की समस्याओं के समाधान के लिए एक समर्पित मंत्रालय बनाने का भी ऐलान किया गया है जो देश में अपनी तरह का पहला कदम हो सकता है।

उत्तर प्रदेश में भी आशा और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं का इंतजार जल्द होगा खत्म

केरल के साथ-साथ उत्तर प्रदेश से भी इन कार्यकर्ताओं के लिए अच्छी खबर है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ हाल ही में यूपी की आंगनवाड़ी और आशा कार्यकर्ताओं के मानदेय में बढ़ोतरी की घोषणा कर चुके हैं। प्रदेश की लाखों आंगनवाड़ी और आशा कार्यकर्ताएं इस बढ़ोतरी का बेसब्री से इंतजार कर रही हैं। उत्तर प्रदेश देश का सबसे बड़ा राज्य है और यहां इन कार्यकर्ताओं की संख्या लाखों में है। ऐसे में यह बढ़ोतरी लागू होते ही एक बड़ी संख्या में महिला कर्मचारियों की आर्थिक स्थिति में सुधार आएगा। उम्मीद की जा रही है कि जल्द ही इस संबंध में आधिकारिक आदेश जारी किए जा सकते हैं और इन कार्यकर्ताओं को उनकी मेहनत का उचित मुआवजा मिल सकता है फिलहाल उत्तर प्रदेश की लाखों कार्यकर्ताओं को मानदेय बढ़ोतरी का इंतजार बना हुआ है।

क्यों जरूरी है इन कार्यकर्ताओं का मानदेय बढ़ाना?

आशा और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताएं देश की स्वास्थ्य और शिक्षा व्यवस्था की सबसे जरूरी कड़ी हैं। ये कार्यकर्ताएं गांव-गांव, घर-घर जाकर सरकारी योजनाओं को जमीन पर उतारती हैं। कोरोना महामारी के दौरान भी इन्होंने अपनी जान जोखिम में डालकर काम किया था। बावजूद इसके वर्षों से इनका मानदेय उनकी जिम्मेदारी के मुकाबले बेहद कम रहा है। केरल और उत्तर प्रदेश दोनों राज्यों में मानदेय बढ़ोतरी की घोषणा से देश के बाकी राज्यों पर भी दबाव बढ़ेगा कि वे भी इन कर्मचारियों के हक में उचित फैसले लें। गौरतलब है कि इन कार्यकर्ताओं की बेहतर आर्थिक स्थिति सीधे उनके काम की गुणवत्ता पर भी असर डालती है जिसका फायदा अंततः आम जनता को ही मिलता है।

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