UP Outsource Employees Salary Hike:: उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम की कार्यशालाओं में काम करने वाले आउटसोर्स तकनीकी कर्मचारियों के लिए एक बड़ी राहत की खबर सामने आई है। लंबे समय से मानदेय बढ़ाने की मांग कर रहे इन कर्मचारियों की मांग अब पूरी हो गई है। परिवहन निगम के प्रबंध निदेशक प्रभु नारायण सिंह ने नई मानदेय दरें जारी कर दी हैं। श्रम विभाग का 17 अप्रैल का आदेश अब निगम के करीब चार हजार आउटसोर्स तकनीकी कर्मचारियों पर 19 मई 2026 से लागू हो गया है। इस बढ़ोतरी के बाद कर्मचारियों को तीन से पांच हजार रुपये तक अधिक मानदेय मिलेगा। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया है कि किसी भी दशा में तय न्यूनतम मजदूरी से कम भुगतान नहीं किया जाएगा, अन्यथा सेवा प्रबंधक को जिम्मेदार माना जाएगा।
कब से लागू हुई नई मानदेय दरें?
ध्यान देने वाली बात यह है कि नई मानदेय दरें 19 मई 2026 से ही प्रभावी मानी जाएंगी। यानी मंगलवार से ही कर्मचारियों को बढ़ी हुई दरों के अनुसार भुगतान का अधिकार मिल गया है। इससे पहले अकुशल श्रेणी के कर्मचारियों को 7800 रुपये, अर्द्धकुशल को 11009 रुपये और कुशल कर्मचारियों को 13565 रुपये मानदेय मिलता था। नई दरें लागू होने के बाद इन सभी श्रेणियों में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है। मानदेय बढ़ोतरी से आने वाले अतिरिक्त वित्तीय भार को परिवहन निगम खुद वहन करेगा, जो कर्मचारियों के लिए एक और सकारात्मक खबर है।
तीन वर्गों में बांटे गए कर्मचारी
वैसे देखा जाए तो इस बार मानदेय तय करने का तरीका पहले से अलग और व्यवस्थित है। कर्मचारियों को अनुभव के आधार पर तीन श्रेणियों में बांटा गया है। जिन कर्मचारियों का अनुभव दो वर्ष तक का है, उन्हें अकुशल श्रेणी में रखा गया है। दो वर्ष से पांच वर्ष तक के अनुभव वाले कर्मचारी अर्द्धकुशल श्रेणी में आएंगे। वहीं पांच वर्ष से अधिक अनुभव रखने वाले कर्मचारियों को कुशल श्रेणी में रखा गया है। इसी आधार पर तीनों श्रेणियों के लिए अलग-अलग मानदेय तय किया गया है।
इन जिलों के कर्मचारियों का मानदेय भी बढ़ा
गाजियाबाद और गौतमबुद्ध नगर को प्रथम श्रेणी में रखा गया है। इन जिलों में कार्यरत कर्मचारियों को सबसे अधिक मानदेय मिलेगा। सीधी बात करें तो इन जिलों के कर्मचारियों के लिए मूल मजदूरी के साथ परिवर्तनीय महंगाई भत्ता भी जोड़ा गया है।
| श्रेणी | मूल मजदूरी (₹) | महंगाई भत्ता (₹) | कुल मानदेय (₹) |
|---|---|---|---|
| अकुशल | 12885 | 805 | 13690 |
| अर्द्धकुशल | 14173 | 886 | 15059 |
| कुशल | 15876 | 992 | 16868 |
नगर निगम वाले जिलों में कितना मिलेगा मानदेय?
नगर निगम वाले जिलों को द्वितीय श्रेणी में रखा गया है। आप समझ सकते हैं कि इन जिलों में मानदेय की दरें प्रथम श्रेणी से थोड़ी कम, लेकिन पुरानी दरों से काफी अधिक हैं। यह बढ़ोतरी उन हजारों कर्मचारियों के लिए राहत लेकर आई है जो इन जिलों की निगम कार्यशालाओं में सेवाएं दे रहे हैं।
| श्रेणी | मूल मजदूरी (₹) | महंगाई भत्ता (₹) | कुल मानदेय (₹) |
|---|---|---|---|
| अकुशल | 12241 | 765 | 13006 |
| अर्द्धकुशल | 13464 | 842 | 14306 |
| कुशल | 15082 | 943 | 16025 |
प्रथम व द्वितीय श्रेणी के अन्य जिलों में नई दरें
प्रदेश के बाकी प्रथम व द्वितीय श्रेणी वाले जिलों को तृतीय श्रेणी में रखा गया है। इन जिलों में भी पुरानी दरों की तुलना में मानदेय में अच्छी-खासी बढ़ोतरी की गई है। निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी हाल में तय न्यूनतम मजदूरी से नीचे भुगतान नहीं होगा और नियमों का पालन न करने पर सेवा प्रबंधक की जिम्मेदारी तय की जाएगी।
| श्रेणी | मूल मजदूरी (₹) | महंगाई भत्ता (₹) | कुल मानदेय (₹) |
|---|---|---|---|
| अकुशल | 11629 | 727 | 12356 |
| अर्द्धकुशल | 12791 | 799 | 13590 |
| कुशल | 14328 | 896 | 15224 |
कर्मचारियों के लिए क्या है जरूरी जानकारी?
जो कर्मचारी यूपीएसआरटीसी की किसी भी कार्यशाला में आउटसोर्स आधार पर काम कर रहे हैं, उन्हें अपने अनुभव और जिले की श्रेणी के आधार पर नई दरों के अनुसार मानदेय मिलेगा। यह आदेश 19 मई 2026 से लागू है। यदि किसी कर्मचारी को नई दरों के अनुसार भुगतान नहीं किया जाता है, तो वह अपने संबंधित सेवा प्रबंधक से इसकी जानकारी ले सकते हैं। निगम प्रबंधन ने स्पष्ट किया है कि अतिरिक्त वित्तीय भार निगम खुद उठाएगा, इसलिए कर्मचारियों पर कोई अतिरिक्त दबाव नहीं होगा।
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