Teacher TET Latest Update: देश भर के 10 लाख से अधिक शिक्षकों के लिए 24 अप्रैल 2026 का दिन बेहद अहम होने वाला है। सुप्रीम कोर्ट में उस दिन एक ऐसे मामले की सुनवाई होने वाली है जिसका नतीजा लाखों शिक्षकों की नौकरी तय कर सकता है। RTE एक्ट लागू होने से पहले यानी 23 अगस्त 2010 से पहले नियुक्त शिक्षकों को सुप्रीम कोर्ट ने 2 साल के अंदर टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट यानी TET पास करना अनिवार्य कर दिया था। इसी आदेश को चुनौती देते हुए उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश समेत देश के कई राज्यों ने पुनर्विचार याचिका यानी रिव्यू पेटीशन दाखिल की है। इन सभी याचिकाओं पर 24 अप्रैल 2026 को सुनवाई संभावित है। अगर इस सुनवाई में फाइनल जजमेंट आता है तो यह लाखों शिक्षकों के लिए राहत की बड़ी खबर होगी।
क्या है पूरा मामला
देश में शिक्षा का अधिकार यानी RTE एक्ट 2009 में लागू हुआ था। इस कानून के तहत सरकारी स्कूलों में पढ़ाने के लिए TET पास करना अनिवार्य कर दिया गया। सुप्रीम कोर्ट ने अपने एक आदेश में कहा था कि 23 अगस्त 2010 से पहले नियुक्त शिक्षकों को 2 साल के भीतर TET पास करना होगा। इस आदेश के बाद देश भर में उन हजारों शिक्षकों की नौकरी पर खतरा मंडराने लगा जो RTE से पहले नियुक्त हुए थे और जो TET पास नहीं कर सके थे।
इसी फैसले को चुनौती देते हुए CA 1385/2025 के फाइनल जजमेंट में पुनर्विचार याचिका दाखिल की गई है। उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश समेत कई राज्य सरकारों और प्राइवेट पार्टियों ने यह याचिकाएं दाखिल की हैं। इन याचिकाओं में मांग की गई है कि RTE से पहले नियुक्त शिक्षकों को सेवा में बने रहने के लिए TET की बाध्यता से राहत दी जाए।
24 अप्रैल की सुनवाई क्यों है इतनी अहम
24 अप्रैल 2026 को होने वाली सुनवाई पर पूरे देश के लाखों शिक्षकों की नजर टिकी है। सुप्रीम कोर्ट के कंप्यूटर जनरेटेड रोस्टर के मुताबिक यह केस 24 अप्रैल को लिस्ट होने की संभावना है। अगर इस दिन फाइनल जजमेंट आता है और याचिका के पक्ष में फैसला होता है तो देश भर के 10 लाख से अधिक ऐसे शिक्षकों को बड़ी राहत मिल सकती है जो RTE से पहले नियुक्त हुए थे और TET की अनिवार्यता के कारण नौकरी जाने के डर में जी रहे थे।
किन शिक्षकों को मिल सकती है राहत
इस पुनर्विचार याचिका का सीधा फायदा उन शिक्षकों को मिल सकता है जिनकी नियुक्ति 23 अगस्त 2010 यानी RTE एक्ट लागू होने से पहले हुई थी और जो अब तक TET पास नहीं कर सके हैं या TET में सफल नहीं हो सके। ऐसे शिक्षक उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र समेत देश के कई राज्यों में बड़ी संख्या में कार्यरत हैं। अनुमान के मुताबिक देश भर में ऐसे 10 लाख से अधिक शिक्षक हैं जिनकी नौकरी इस फैसले पर टिकी है।
आगे क्या होगा
24 अप्रैल को सुनवाई के बाद तीन संभावनाएं हो सकती हैं। पहली — सुप्रीम कोर्ट याचिका स्वीकार कर राहत दे सकता है। दूसरी — मामले को आगे की सुनवाई के लिए टाला जा सकता है। तीसरी — याचिका खारिज हो सकती है। फिलहाल सभी प्रभावित शिक्षकों और उनके संगठनों की नजर 24 अप्रैल की सुनवाई पर लगी हुई है। जैसे ही इस मामले में कोई आधिकारिक फैसला आएगा, शिक्षा टाइम्स 365 पर सबसे पहले जानकारी दी जाएगी।







