8th Pay Commission: केंद्रीय कर्मचारियों की सैलरी में होगा बड़ा इजाफा, बच्चों की शिक्षा भत्ते पर सरकार ने जारी किए नए नियम

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8th Pay Commission: केंद्रीय कर्मचारियों के लिए बच्चों की पढ़ाई से जुड़ा भत्ता यानी चिल्ड्रन एजुकेशन अलाउंस को लेकर नए नियम लागू किए गए हैं जिससे लाखों परिवारों को सीधा फायदा मिलने वाला है। सरकार ने साफ कर दिया है कि अब नर्सरी से ही इस भत्ते का लाभ दिया जाएगा और इसके साथ मिलने वाली राशि को भी तय कर दिया गया है ताकि कर्मचारियों को हर महीने एक निश्चित मदद मिलती रहे। पहले जहां कई चीजों को लेकर भ्रम बना रहता था वहीं अब नए नियम आने के बाद पूरी प्रक्रिया को आसान बना दिया गया है जिससे कर्मचारियों को अपने बच्चों की पढ़ाई का खर्च संभालने में राहत मिलेगी और उन्हें बार बार कागजी प्रक्रिया में नहीं उलझना पड़ेगा।

अब इतनी मिलेगी हर महीने राशि

सरकार की ओर से जारी नए नियमों के अनुसार अब केंद्रीय कर्मचारियों को बच्चों की पढ़ाई के लिए हर महीने तय राशि दी जाएगी। यह राशि 2812 रुपये प्रति माह रखी गई है जो सीधे कर्मचारी को मिलती है। वहीं अगर बच्चा हॉस्टल में रहकर पढ़ाई करता है तो उसके लिए अलग से 8437 रुपये प्रति माह की सुविधा दी गई है। खास बात यह है कि यह राशि तय है और इसके लिए हर बार खर्च का बिल दिखाने की जरूरत नहीं होती जिससे प्रक्रिया आसान हो जाती है और कर्मचारियों को समय पर लाभ मिल पाता है।

महंगाई भत्ते से जुड़ा है बढ़ोतरी का नियम

इस भत्ते को महंगाई भत्ते यानी डीए से भी जोड़ा गया है। जैसे ही डीए 50 प्रतिशत के पार जाएगा वैसे ही इस भत्ते में अपने आप 25 प्रतिशत की बढ़ोतरी हो जाएगी। इसका मतलब यह है कि कर्मचारियों को अलग से आवेदन करने की जरूरत नहीं पड़ेगी और बढ़ी हुई राशि सीधे मिलने लगेगी। इससे यह सुनिश्चित किया गया है कि समय के साथ बढ़ती महंगाई के हिसाब से बच्चों की पढ़ाई के खर्च में भी मदद मिलती रहे और कर्मचारियों पर अतिरिक्त बोझ न पड़े।

नर्सरी से ही मिलेगा फायदा

नई शिक्षा नीति को ध्यान में रखते हुए सरकार ने नियमों में बड़ा बदलाव किया है और अब नर्सरी एलकेजी और यूकेजी जैसी शुरुआती कक्षाओं को भी इस भत्ते में शामिल कर लिया गया है। पहले यह सुविधा कक्षा एक से शुरू होती थी लेकिन अब छोटे बच्चों की पढ़ाई को भी इसमें शामिल कर लिया गया है। इससे उन परिवारों को सीधा लाभ मिलेगा जिनके बच्चे शुरुआती कक्षाओं में पढ़ रहे हैं और जिनका खर्च पहले खुद उठाना पड़ता था।

किन बच्चों के लिए लागू होंगे नियम

यह भत्ता कर्मचारी के अधिकतम दो बच्चों के लिए दिया जाता है और अगर पति पत्नी दोनों सरकारी सेवा में हैं तो दोनों में से कोई एक ही इसका लाभ ले सकता है। इससे यह सुनिश्चित किया गया है कि एक ही बच्चे के लिए दो बार भत्ता न लिया जाए। इसके अलावा अगर बच्चा किसी कारण से एक ही कक्षा दोबारा पढ़ता है तो एक बार के लिए उसे भी इस योजना के तहत कवर किया गया है जिससे पढ़ाई में किसी तरह की रुकावट न आए और कर्मचारी को आर्थिक मदद मिलती रहे।

क्लेम करने का तरीका क्या रहेगा

इस भत्ते को पाने के लिए कर्मचारियों को हर साल एक बार क्लेम करना होता है जो वित्त वर्ष खत्म होने के बाद किया जाता है। इसके लिए संबंधित स्कूल या संस्थान से प्रमाण पत्र लेना जरूरी होता है जिसमें यह बताया जाता है कि बच्चा वहां पढ़ रहा है। इसके बाद कर्मचारी अपने विभाग में यह क्लेम जमा करता है और सत्यापन के बाद राशि दी जाती है। खास बात यह है कि कर्मचारी अगर छुट्टी पर हो या किसी कारण से सेवा में न हो तब भी यह भत्ता जारी रहता है जिससे परिवार को लगातार सहायता मिलती रहती है।