8th Pay Commission Latest: 8वें केंद्रीय वेतन आयोग को लेकर अब एक और बड़े कर्मचारी संगठन ने अपनी मांगें सामने रखी हैं। भारतीय प्रतिरक्षा मजदूर संघ (BPMS) ने 16 अप्रैल 2026 को एक Draft Memorandum जारी किया है, जिसमें न्यूनतम बेसिक सैलरी ₹72,000 करने, फिटमेंट फैक्टर 4.00 रखने और सालाना इंक्रीमेंट 3% से बढ़ाकर 6% करने की मांग की गई है। BPMS भारत सरकार के रक्षा मंत्रालय द्वारा मान्यता प्राप्त संगठन है और BMS की औद्योगिक इकाई है। संगठन के महासचिव रवींद्र कुमार मिश्रा ने यह ड्राफ्ट अपने सभी सदस्यों को भेजा है और उनसे सुझाव मांगे हैं। इस ड्राफ्ट में मिनिमम पे तय करने का वैज्ञानिक फॉर्मूला, परिवार की नई परिभाषा, वार्षिक वेतन वृद्धि और नई पे मैट्रिक्स सभी पहलुओं को विस्तार से समझाया गया है।
मिनिमम पे कैसे तय होगी क्या है BPMS का फॉर्मूला
BPMS ने न्यूनतम वेतन तय करने के लिए Per Capita Net National Product (NNP) की वृद्धि दर को आधार बनाया है। यह वही तरीका है जो 5वें वेतन आयोग ने भी अपनाया था। MoSPI के आंकड़ों के मुताबिक 2016-17 में प्रति व्यक्ति NNP ₹1,03,219 था, जो 2024-25 में बढ़कर ₹1,92,774 हो गया। यानी इस दौरान लगभग 86.76% की बढ़ोतरी हुई। BPMS ने इसी 86.76% की वृद्धि दर को 7वें वेतन आयोग की मिनिमम सैलरी पर लागू किया। 7वें CPC में न्यूनतम बेसिक पे ₹18,000 थी, उस पर 58% DA जोड़ने पर ₹28,440 बनता है। इसमें 86.76% की बढ़ोतरी जोड़ने पर आंकड़ा ₹53,114 पहुंचता है — लेकिन यह सिर्फ 3 सदस्यीय परिवार के लिए है।
अब 3 नहीं, 5 सदस्यों का परिवार मानने की मांग
BPMS का कहना है कि 7वें वेतन आयोग में परिवार की गणना सिर्फ 3 यूनिट के आधार पर की गई थी, जो भारतीय सामाजिक वास्तविकता के हिसाब से सही नहीं है। भारत में एक सरकारी कर्मचारी सिर्फ पत्नी और बच्चों का ही नहीं, बल्कि बूढ़े माता-पिता का भी खर्च उठाता है। इसलिए BPMS ने परिवार की नई संरचना इस तरह प्रस्तावित की है — कर्मचारी खुद 1 यूनिट, जीवनसाथी 1 यूनिट, दो बच्चे 1.5 यूनिट, और माता-पिता 1.5 यूनिट — यानी कुल 5 यूनिट। इस आधार पर मिनिमम पे का कैलकुलेशन इस तरह होता है: (₹53,114 ÷ 3) × 5 = ₹88,524। हालांकि BPMS ने सरकार की वित्तीय स्थिति को ध्यान में रखते हुए ₹88,524 की जगह ₹72,000 की मांग रखी है, जिसे व्यावहारिक और संतुलित बताया गया है।
मिनिमम पे कैलकुलेशन एक नजर में
| विवरण | राशि |
|---|---|
| 7वें CPC में न्यूनतम बेसिक पे | ₹18,000 |
| 58% DA जोड़ने पर | ₹28,440 |
| 86.76% वृद्धि दर लागू करने पर (3 यूनिट) | ₹53,114 |
| 5 यूनिट परिवार के आधार पर | ₹88,524 |
| BPMS का प्रस्तावित न्यूनतम वेतन | ₹72,000 |
Fitment Factor 4.00 क्यों जरूरी है?
BPMS ने फिटमेंट फैक्टर 4.00 रखने का प्रस्ताव दिया है। 7वें वेतन आयोग में यह 2.57 था। संगठन का कहना है कि ₹72,000 की प्रस्तावित मिनिमम पे को ₹18,000 से भाग देने पर fitment factor 4.00 बनता है — यानी 72,000 ÷ 18,000 = 4.00। इस फिटमेंट फैक्टर में से 1.58 का हिस्सा DA neutralisation के लिए है, जो 2016 से महंगाई के कारण असली आमदनी में हुई कमी की भरपाई करता है। बाकी का हिस्सा असली वेतन वृद्धि है। BPMS का तर्क है कि यह फैक्टर आर्थिक वृद्धि, महंगाई और परिवार की बढ़ती जिम्मेदारियों को ध्यान में रखकर तय किया गया है और इसे सभी कर्मचारियों पर समान रूप से लागू किया जाना चाहिए।
सालाना Increment 3% से बढ़ाकर 6% करने की मांग
BPMS ने सालाना वेतन वृद्धि (Annual Increment) को 3% से बढ़ाकर 6% करने की मांग रखी है। संगठन का तर्क है कि DA महंगाई की भरपाई करता है, लेकिन असली जीवन स्तर में सुधार के लिए increment ही एकमात्र जरिया है। 6वें और 7वें वेतन आयोग दोनों में 3% increment रखा गया था, लेकिन पिछले एक दशक में महंगाई बढ़ी है, खर्चे बढ़े हैं और परिवार की जरूरतें भी बढ़ी हैं। प्राइवेट सेक्टर में औसत सालाना increment 8-10% रहता है, जबकि सरकारी कर्मचारियों को सिर्फ 3% मिलता है। इससे सरकारी नौकरी में प्रतिभाशाली लोगों को आकर्षित करना मुश्किल होता जा रहा है। BPMS का कहना है कि 6% increment से कर्मचारियों की आमदनी में वास्तविक सुधार होगा और उन्हें अगले वेतन आयोग का इंतजार कम करना पड़ेगा।
प्रस्तावित नई Pay Matrix
| Pay Band | Grade Pay | Level | Fitment Factor | Revised Entry Pay | Maximum Pay |
|---|---|---|---|---|---|
| 5200-20200 | 1800 | 1 | 4 | ₹72,000 | ₹5,87,100 |
| 5200-20200 | 1900 और 2000 | 2 और 3 | 4 | ₹86,800 | ₹6,29,500 |
| 5200-20200 | 2400 और 2800 | 4 और 5 | 4 | ₹1,16,800 | ₹6,70,500 |
| 9300-34800 | 4200 | 6 | 4 | ₹1,41,600 | ₹6,82,300 |
| 9300-34800 | 4600 | 7 | 4 | ₹1,79,600 | ₹6,86,100 |
| 9300-34800 | 4800 | 8 | 4 | ₹1,90,400 | ₹6,86,100 |
| 15600-39100 | 5400 | 9 और 10 | 4 | ₹2,24,400 | ₹7,62,800 |
| 15600-39100 | 6600 | 11 | 4 | ₹2,70,800 | ₹7,72,600 |
| 15600-39100 | 7600 | 12 | 4 | ₹3,15,200 | ₹8,00,300 |
| 37400-67000 | 8700 | 13 | 4 | ₹4,74,000 | ₹8,00,800 |
| 37400-67000 | 8900 | 13A | 4 | ₹5,24,400 | ₹8,35,900 |
| 37400-67000 | 10000 | 14 | 4 | ₹5,76,800 | ₹8,67,300 |
| 67000-79000 | — | 15 | 4 | ₹7,28,800 | ₹8,68,000 |
| 75500-80000 | — | 16 | 4 | ₹8,21,600 | ₹8,70,900 |
| 80000 (Fixed) | — | 17 | 4 | ₹9,00,000 | Fixed |
| 90000 (Fixed) | — | 18 | 4 | ₹10,00,000 | Fixed |
BPMS की प्रमुख मांगें एक नजर में
- न्यूनतम बेसिक सैलरी ₹18,000 से बढ़ाकर ₹72,000 की जाए।
- फिटमेंट फैक्टर 2.57 से बढ़ाकर 4.00 किया जाए।
- परिवार की यूनिट 3 से बढ़ाकर 5 मानी जाए।
- सालाना इंक्रीमेंट 3% से बढ़ाकर 6% किया जाए।
- Per Capita NNP की वृद्धि दर को वेतन संशोधन का आधार बनाया जाए।
- नई Pay Matrix में सभी स्तरों पर 4.00 का fitment factor लागू हो।
सुझाव देने की आखिरी तारीख 30 अप्रैल 2026
भारत सरकार ने 3 नवंबर 2025 के संकल्प द्वारा आठवें केंद्रीय वेतन आयोग का गठन किया था। आयोग ने अब सेवारत कर्मचारियों, पेंशनभोगियों के संघों, यूनियनों और इच्छुक संगठनों से ज्ञापन और अभ्यावेदन आमंत्रित किए हैं। ये सुझाव आयोग की आधिकारिक वेबसाइट 8cpc.gov.in या MyGov पोर्टल innovateindia.mygov.in पर ऑनलाइन निर्धारित प्रारूप में ही जमा किए जा सकते हैं। आयोग ने स्पष्ट किया है कि हार्ड कॉपी, ईमेल या PDF के रूप में भेजे गए ज्ञापनों पर कोई विचार नहीं किया जाएगा। सभी प्रस्तुतियां 30 अप्रैल 2026 तक ही स्वीकार की जाएंगी। यह नोटिस आयोग के निदेशक मनीष कुमार द्वारा जारी किया गया है।
महत्वपूर्ण लिंक
| लिंक का नाम | लिंक |
|---|---|
| BPMS Draft Memorandum PDF | Click Here |
| 8वें वेतन आयोग की आधिकारिक वेबसाइट | Click Here |
| अपने सुझाव यहां दें (30 अप्रैल तक) | Click Here |







